3 Extraordinary People on Earth | 3 असाधारण इंसान जिनका जवाब नही है विज्ञान के पास !!

Extraordinary People

3 Extraordinary People

दोस्तों, इंसान का जनम इंसानी शक्तियों का साथ होता है। जैसा की एक इंसान किसी भी जीव से ज्यादा रंग देख सकता है, उसकी समझ, बुद्धि और सोच धरती पर मौजूद किसी भी प्राणी से ज्यादा होती है। इंसान का दिमाग उसे धरती पर सबसे ज्यादा विकसित जीव बनाता है। Extraordinary People

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लेकिन क्या सच में हमारे पास सिर्फ इतनी सी शक्तियां है, जितनी की हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में इस्तेमाल करते है या फिर उस से कई ज्यादा शक्तियां हम में है जिनका इस्तेमाल हम नहीं कर पाते।

वैज्ञानिक कहते है, की हम जीवन प्रयत अपनी इन शक्तियों का केवल 20 या ज्यादा से ज्यादा 25 प्रतिशत ही इस्तेमाल कर पाते है। और बाकी का 75 से 80 प्रतिशत हम इस्तेमाल ही नहीं कर पाते।

लेकिन आप विश्वास नहीं करेंगे की इस दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हुए है, जिन्होंने अपने दिमाग का वो हिस्सा स्वयं या फिर किसी कारणवश जागृत हो गया था। जिससे उनके दिमाग और शारीरिक क्षमता हमारी सोच से भी परे है। और उनके जीवन में घटी घटनाएँ किसी चमत्कार से कम नहीं है। Extraordinary People

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आइये जानते है उन लोगों के बारे में :

1. श्रीनिवास रामानुजन् (Srinivasa Ramanujan)

दक्षिण भारत के एक छोटे से गाँव कुम्ब्कोनम में जन्मे श्रीनिवास रामानुजन बहुत बड़े गणित विद्वान थे। रामानुजन एक बहुत गरीब परिवार से थे, वो ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे। और 10वी कक्षा में असफल हुए थे। लेकिन गणित में उनकी इतनी अच्छी पकड़ थी की दुनिया में उनसे बड़ा कोई गणित विद्वान पैदा नहीं हुआ।Extraordinary People

वैसे तो गणित के कई माहिर हुए लेकिन वो सब प्रशिक्षित थे। लेकिन रामानुजन बिना किसी प्रशिक्सन के अपने आप में माहिर हुए। जिन प्रश्नों का उतर देने में कई विद्वानों को समय लगता था, उसका जवाब रामानुजन कुछ पलों में दे देते थे।

एक साधारण मनुष्य को गणित के किसी भी प्रश्न का जवान देने में समय लगता है। क्यूँकि हमारा दिमाग कोई भी ऐसा काम नहीं कर सकता जिसमें समय न लगता हो, लेकिन रामानुजन बड़े से बड़े प्रश्न का जवाब उसी समय दे देते थे। Extraordinary People

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कहते है जिन प्रश्नों के जवाब ढूंढने में बड़े-बड़े गणितज्ञ को आधा-आधा दिन लग जाता था। उसका जवाब रामानुजन एक पल में दे देते थे। जब रामानुजन की ख्याति भारत में बढ़ने लगी तो कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक बहुत बढ़े गणितज्ञ हार्डी ने रामानुजन को लंदन बुला लिया।

वैसे तो हार्डी एक बहुत बढ़े गणितज्ञ थे। परंतु जब वो रामानुजन को मिले तो वह अपने आप को उनके सामने बहुत छोटा महसूस करने लगे, दुनिया के बहुत से वैज्ञानिकों ने रामानुजन पर संसोदन किया। जिस से सिर्फ ये पता चला की रामानुजन कोई भी जवाब दिमाग से नहीं देते थे, क्यूँकि दिमाग को सोचने के लिए समय चाहिए होता है। इस बात से वैज्ञानिकों ने ये निष्कर्ष निकला की रामानुजन के मामले में उनके दिमाग का वो हिस्सा जाग्रत हो गया है जो हर किसी का नहीं जाग्रत होता। Extraordinary People

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हालांकि रामानुजन के मामले में ये बात सिर्फ गणित के लिए ही लागू थी। क्यूँकि जब भी किसी के दिमाग का वो हिस्सा जाग्रत होता है, तब उसकी एक खास क्षेत्र में महारत होती है।

हार्डी और रामानुजन एक बहुत अच्छे दोस्त बने उन्होंने साथ मिलकर कई समीकरण बनाये। 32 वर्ष की आयु में रामानुजन का किसी बीमारी के चलते निधन हो गया। परंतु मरते से पहले रामानुजन ने हार्डी को 4 भविष्यवाणियाँ बताई जिसमें की 3 तो हार्डी के जीवित रहते सच हुई। लेकिन जब हार्डी का अंत समय आया तो हार्डी ने अपनी वसीयत में लिखा की रामानुजन की बताई 3 भविष्यवाणियाँ सही साबित हुई है, तो निश्चित है की चौथी भी सही सिद्ध होगी इसलिए मेरे मरने के बाद भी उसपर शोध कार्य चलता रहे। और सच में हार्डी की मौत के 22 साल बाद वो भविष्यवाणियाँ सही सिद्ध हुई। Extraordinary People

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2. प्रह्लाद जानी (Prahalad Jani)

गुजरात के मेहसाणा जिले के छारड़ा गांव में रहते है बाबा प्रह्लाद जानी। जो अपने में ही एक जीता जागता करिश्मा है। भले ही सुनने में यह अजीब लगे, लेकिन डॉक्टर्स के टेस्ट में भी यह साबित हो चुका, है कि बाबा प्रहलाद जानी ने पिछले 75 साल से न खाना खाया और न पानी पिया। 13 अगस्त 1929 को गुजरात के मेहसाणा जिले के छारड़ा गांव में जन्मे इन बाबा को चुनरीवाला माताजी के नाम से भी जाना जाता है। बाबा माताजी का कहना है कि उन्होंने 7 साल की उम्र में ही अपना घर त्याग कर आत्म रहस्य की खोज में जंगल में निकल गए थे।Extraordinary People

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उनका कहना है कि जब उन्होंने जंगल की ओर प्रस्थान किया तो बिना खाए-पीए 100 से 200 कि लोमीटर तक लगातार चलते रहे। इस दौरान उन्हें थकान भी महसूस नहीं हुई और न ही नींद आई। 4 सालों तक जंगल में रहने के बाद 11 साल की उम्र में इन्होंने धार्मिक अनुभव लेना शुरू किया था। Extraordinary People

बाबा प्रहलाद जानी का कहना है कि उनके ऊपर माताजी के रूप में मानी वाली देवी अंबा का आशीर्वाद है। इसी की वजह से वो इतने सालों तक बिना खाए-पीए सिर्फ हवा खाकर जिंदा है। बाबा प्रहलाद माता की तपस्या में इतने लीन है कि वो कपड़े भी देवी की तरह ही पहनते हैं। लाल कपड़े पहनने वाले इन बाबा ने अपने नाक-कान भी छिदवा रखें हैं और देवी की तरह ही आभूषण पहनते हैं। Extraordinary People

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बाबा प्रहलाद के 75 से बिना भोजन-पानी जिंदा रहने के दावे को कई लोगों ने नहीं माना। आखिरकार 2003 अहमदाबाद के स्टेर्लिग अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने उनका टेस्ट किया। यह टेस्ट लगातार 3 सप्ताह तक चला जिसमें पाया गया कि इस दौरान बाबा ने न कुछ खाया और न पीया। इसके बाद एकबार और 2010 में बाबा का ऎसा ही टेस्ट किया जिसमें भी वो सफल रहे। इतना ही नहीं बल्कि यह टेस्ट लेने वाले डॉक्टर भी बाबा की अनोखी करामात को देखकर आश्चर्य में पड़ गए।

 

3. एडगर कायस (Edgar Cayce)

सन 1877 में अमेरिका में जन्मे एडगर कायस के जीवन में एक अजीब सी घटना घटी। जब वो 25 साल के थे तब वो पेड़ से गिर जाने से कॉमा में चले गये। और हॉस्पिटल में भर्ती करवाए गये वह पर डॉक्टर ने बहुत कोशिश की लेकिन वो कॉमा से बाहर नहीं ला सके।

अचानक एक दिन एडगर कायस अपने आप ही कॉमा में ही बोल पड़े। यहाँ आश्चर्य इस बात का हुआ की जब वो बोल रहे थे तब वो होश में नहीं थे। उनके शरीर पर सुई से पिन किया गया ये सुनिश्चित करने के लिए की वो होश में है के नहीं, लेकिन उनको कुछ महसूस नहीं हुआ। वह खड़े सब लोग आश्चर्यचकित हो गए। Extraordinary PeopleExtraordinary People

जब उन्होंने बोलना शुरु किया तो बताया के वो पेड़ से गिर गये थे, और उनकी रीड की हड्डी और मस्तिष्क में गहरी चोट लगी है। जिसकी वजह से मेरे अन्दर के तंत्र नष्ट होना शुरु हो गये है। और अगले 1-2 दिन में अगर उनको इलाज न मिला तो उनकी मौत हो जाएगी।

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जब एडगर को से बात की गयी तो उन्होंने बताया किसी जड़ी-बूटी के बारे में बताया और कहा की समय रहते इन जड़ी-बूटी को लेकर आ गये और उनके खून में पहुंचा दिया गया तो वह बच जायेंगे और इतना कहकर वो चुप हो गये।

यहाँ हैरानी वाली बात ये थी की मेडिकल साइंस में उनका कोई वास्ता नहीं था। आयुर्वेद, जड़ी-बूटी आदी के बारे में तो उनको कुछ पता ही नहीं था।

खेर जो जड़ी-बूटी की मांग उन्होंने की थी वो सब ब्राज़ील के अमेज़न जंगलों में उस जड़ी-बूटी को ढूंढ़ कर वैक्सीन के जरिये उनके खून तक पहुँचाया गया, और सिर्फ थोड़ी देर में ही वो ठीक हो गये। Extraordinary People

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लेकिन जब एडगर को होश आया तो उन्हें याद ही नहीं था की उन्होंने किसी जड़ी-बूटी के बारे में बताया था। इस घटना के बाद एडगर की ज़िन्दगी में बहुत बड़ा परिवर्तन आया। वो जब भी आँखें बंद करके किसी बीमारी के इलाज के बारे में सोचते तब-तब पता नहीं उन्हें कैसे उसका हल मिल जाता।

इस सारी घटना के बाद उन्होंने अपनी सारी ज़िन्दगी में 30,000 से ज्यादा लोगों की ज़िन्दगी को बचाया था।

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