Adhoori Prem Kahani….!

Adhoori Prem Kahani – ​हेल्लो दोस्तों आज मैं अपके साथ ऐसे  लड़के की स्टोरी share करूंगी जिसकी न कोई friend है न कोई girl friend वो हमेसा इसी बात के ले कर परेशान रहता था l

दोस्तों उस लड़के का नाम shushant था।और  वो रानीखेत का रहने वाला था। और अभी वो बीएससी 2nd ईयर कर रहा है।आजकल allmost सभी लड़को की गर्लफ्रेंड्स होती है। नहीं तो ऐसी कुछ Friends होते हैं जो हर टाइम यानी दुख-सुख में आपके साथ रहते है। जिनके साथ आप अपनी हर problem शेयर कर सकते हो।
बात तबकि है जब वो 10वीं class में था । उसके काफ़ी friends थे। लेकिन उसका कोई best Friends नहीं था क्यूंकी उसके सभी Friend की grilfriends हुआ करती थी तो वो अक्सर उन्हें ही टाइम दिया करते थे। यही रीज़न रहा की उसकी कोई बेस्ट फ्रेंड नहीं बन सका । रही बात grilfriend की तो उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी क्यूंकी वो बहुत शर्मिला मिज़ाज का लड़का था और लड़कियों से वैसे ही उसे बहुत शर्म आती थी।
उस टाइम उसका एक फ्रेंड था जिसका नाम sahil था उससे उसकी काफ़ी बनती थी क्यूंकी वो उसके घर के पास में रहा करता था । उसकी 2 grilfriends हुआ करती थी एक स्कूल में और एक घर की side ही थी।. वैसे तो उसे  कभी गर्लफ्रेंड बनाने में interest नहीं था लेकिन बोलते है ना जैसी हमारी संगति होती है हम वैसे ही बन जाते है । फिर क्या था एक दिन मैने अपने दोस्त यानी sahil को बोला की मेरी भी कोई गर्लफ्रेंड नही है । please बनाने में  मेरी हेल्प कर दो  उसने हाँ कह दिया । लेकिन problem ये थी की अब लड़की कहाँ से मिलेगी,वो सभी शाम के टाइम chemistry की ट्यूशन जाया करते थे वहाँ एक लड़की थी l जिसका नाम आरती था वो भी वहाँ chemistry की ट्यूशन के लिए आया करती थी।
उसने अपने फ्रेंड साहिल को उस लड़की से बात कराने को बोला तो उसने मुझे बोला की पहले ये क्लियर हो जाने दे की वो तुझे देखती भी है या नहीं फिर वो रोज उसे देखने लगा लेकिन वोउस पर कुछ ज़्यादा इंटेरेस्ट नहीं लिया करती थी, करीब 1 महीने बाद एक दिन उसने सोचा की आज मैं खुद उस लड़की से friendship के लिए बोलूँगा लेकिन उसके सामने आने पर उसमे हिम्मत नहीं आई की वो उसे से अपने दिल की बात कह सके फिर उसने साहिल के थ्रू उस लड़की से अपने फ्रेंडशिप करने की सोची तो साहिल रेडी हो गया लेकिन फिर वो लड़की कुछ दिनों तक नहीं आई और फिर जब आई तो उस दिन साहिल को अपने किसी ज़रूरी काम से जाना पड़ा लेकिन फिर अगले ही दिन उसने अमित को उससे फ्रेंडशिप करने को बोला और वो रेडी हो गया।

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और अब छुट्टी के बाद साहिल उसकी उस लड़की से बात करने वाला था यही सोच कर उसे बहुत घबराहट हुए जिससे उस टाइम उसका ट्यूशन में ध्यान नहीं लग रहा था और आख़िर कार छुट्टी होते ही साहिल उस लड़की के पास चला गया और उसकी बात करने के लिए फिर जब वो आया तो उसने मुझे बोला की वो लड़की तुझे नहीं मुझ पसंद करती है इतना सुनते ही उसका दिल टूट गया लेकिन उसने  शो नहीं किया जैसे कुछ हुआ ही ना हो और साहिल  को इट्स ओके आंड थैंक यू बोल कर अपने घर चला गया फिर रात भर इसी बात को ले कर परेशान रहा की मुझमे ऐसी भी क्या कमी है जो कोई भी मुझे पसंद नहीं करता ना दोस्ती करता है।
उस दिन उसे लड़कियों से मानो नफ़रत से होने लगी थी, माना वो गुस्से में था  पर उसके साथ बहुत बुरा हुआ था।, ऐसा करते करते इसकी 10वीं कंप्लीट हो गइ और फिर 11वीं में भी उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बन सकी , जब वो 12वीं क्लास में पहुँचा तो जैसे मानो उसकी किस्मत ही खुल गयी हो एक लड़की जिसका नाम pooja था वो उसके पास आई और उससे उसका नाम पूछने लगी और फिर उसने उसे अपना नाम बता दिया फिर पूजा ने उस से पूछा की आपकी कोई गर्लफ्रेंड है तो उसने साफ माना कर दिया क्यूंकी कभी थी ही नहीं।
फिर उस लड़की ने उससे उसका नंबर माँगा लेकिन उस वक़्त उसके पास अपना पर्सनल फोन नंबर नहीं था तो उसने जल्दी बाजी में उसे अपने घर का फोन नंबर दे दिया. फिर घर पहुँच कर वो पूरा दिन फोन के पास ही मंडराता रहा ये सोच कर की वो फोन या मेसेज करेगी but उसने कोई मेसेज ओर फोन नहीं किया फिर अगले ही दिन वो लड़की उसे फिर मिली स्कूल में क्यूंकि वो उसके ही स्कूल में पढ़ती थी लेकिन वो commerce  में थी और मैं बीएससी में, उसने उसे बताया की उसको कल टाइम नहीं मिला तभी वो फोन में बात नहीं कर पाई और फिर उसने उसी दिन उस से खुद ही नंबर माँग लिया और उसने दे दिया फिर वो लोग अक्सर बात किया करने लगे थे लेकिन उसका फोन पर्सनल नहीं था तो  उसे मेसेज या फोन करने में problem आया करती थी।
टाइम बीतता गया. फिर उसने धीरे-धीरे पैसे जमा कर के एक second hand phone  ले ही लिया , फिर 12वीं कंप्लीट करने के बाद वो लड़की किसी और शहर शिफ्ट हो गई क्यूंकी उसके फादर आर्मी में थे तो उनकी पोस्टिंग हो गई थी. फिर हमारी बात कम से कम होने लगी और आज मैं अपना बीएससी 2nd ईयर कर रहा हूँ और आज मेरी ना कोई गर्लफ्रेंड है ना कोई बेस्ट फ्रेंड जो मेरे किसी दुख-सुख में साथ रहे।

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दोस्तो वैसे तो बहुत से ऐसे लोग होते है जिनके बहुत अच्छे अच्छे फ्रेंड्स होते हैं जो हर वक़्त उनके साथ रहते है और उनकी हेल्प करते है उनके हर दुख और सुख में बराबरी की भूमिका निभाते है लेकिन वो अपनी लाइफ में उनको ज़्यादा इंपॉर्टेन्स नहीं देते है ना ही कदर करते हैं और दूसरी तरफ ऐसे भी बहुत से लोग देखने को मिलते है जो हर टाइम अपने फ्रेंड्स के बारे में ही सोचते है उनकी हर तरहा से हेल्प करते हैं लेकिन ये सब करने के बावजूद उनको कोई अच्छा दोस्त नसीब नहीं हो पता और वो भी उनमे से ही एक बदनसीब था।

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