Bone Cancer – Symptoms and Cure

Bone Cancer - Symptoms and Cure

​दोस्तों आज के समय में हड़्डी का कैंसर (Bone Cancer) लाइलाज नही रहा। जब कैंसर की कोशिकाएं हड्डियों के अंदर फैल जाती है, तो उसे हड्डियों (बोन्स) का कैंसर कहते है। बोन कैंसर किसी भी हड़्डी के अंदर हो सकता है लेकिन खासकर बोन कैंसर हाथो और पैरों की हड्डियों में ज्यादा होता है।

Bone Cancer - Symptoms and Cure
Bone Cancer – Symptoms and Cure

ये है लक्षण :-

बोन कैंसर का सामान्य लक्षण हड्डियों में दर्द होना है। बक्त के साथ दर्द में इजाफा होने लगता है।
शरीर के पीड़ित भाग में सूजन।
कैंसर होने पर हड्डियों बहुत कमजोर हो जाती है और जरा-सा आघात लगने पर इनके बार-बार फैक्चर होने का जोखिम बढ़ जाता हैं।
बोन कैंसर की वजह से शरीर में भी बहुत दर्द होता है। खासकर कमर में।

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क्यों होता है :-

अभी तक बोन कैंसर के कारणों का पता नही चला सका है, लेकिन कई बार इसे अनुवांशिक कारणों से जोड़कर देखा जाता है।

प्रकार :-

बोन कैंसर कई प्रकार के होते है। जैसे बिनाइन बोन कैंसर । इस कैंसर के अंतर्गत बिनाइन ट्यूमर सिर्फ  क्षतिग्रस्त  हड्डियों में फैलता है और अन्य टीश्यू को नुकसान नही पहुँचता है। इसी तरह मैलिग्नेंट बोन कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैलता है।जैसे फेफड़ो और लिवर में। वही मेटास्टेटिक बोन कैंसर में किसी दूसरे अंग का कैंसर खून की नली द्वारा बहते हुए हड्डी में फंस जाता है और वही बढ़ने लगता है। फेफड़े, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित व्यक्तियो को मेटास्टेटिक बोन कैंसर होने के खतरा सबसे होता हैं।

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जाने उपचार के बारे में :-

सर्जरी के जरिये बोन कैंसर का इलाज किया जाता है। सर्जरी करने से पहले कैंसर ट्यूमर के आकार को देखना बहुत जरुरी है, जिसके लिए सीटी स्कैन, पेट सीटी स्कैन और बोन स्कैन की जरूरत होती है।
बिनाइन बोन कैंसर की सर्जरी में ट्यूमर कोशिकाओं को निकाल कर बोन सीमेट या हड्डी का चूरा भरा दिया जाता है और जरूरत के अनुसार प्लेट से फिक्स भी किया जाता है। मैलिग्नेंट बोन कैंसर की सर्जरी करते समय ट्यूमर को पूरी तरह से बाहर निकल दिया जाता है और जितने भी टीश्यूज उसके आसपास थे, उन्हें भी निकाल दिया जाता है।यही नही ,रोगी की कैंसर से क्षतिग्रस्त हुई हड्डी को कैंसर मुक्त करके दोबारा शरीर में लगा देने वाली अत्याधुनिक  तकनीक अब उपलब्ध है। कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी या दोनों की मदद से बोन कैंसर का इलाज पीड़ित भाग को काटे बगैर संभव हो चूका है।

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