समुंद्री इतिहास का सबसे बड़ा हादसा….टाइटैनिक से भी ज्यादा (9343) लोग मारे गये थे इसमें

समुंद्री इतिहास का सबसे बड़ा हादसा

दोस्तों, अगर कोई आपसे पूछे की समुंद्री इतिहास का सबसे बड़ा हादसा कौन सा है। तो आप में अधिकतर लोग कहेंगे की टाइटैनिक जहाज का हादसा सबसे बड़ा हादसा है। अगर हम इतिहास को देखे तो अब तक अनेक जहाज़ प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हो चुके हैं। आप में से ज्यादातर ने यही सुना होगा की कैसे टाइटैनिक नाम का विशाल जहाज़ समुन्द्र की गहराई में समां गया और कैसे उसका दर्दनाक अन्त हुआ लेकिन यह गलत है। MV Wilhelm Gustloff

क्योंकि इसके पहले 2 और जहाज़ों का नाम आता है, जिसमें से एक “विल्हेल्म गस्टलोफ” है जो आज तक की सबसे भारी समुद्री तबाही का शिकार बना।

MV Wilhelm Gustloff
MV Wilhelm Gustloff

गस्टलोफ एक जर्मन मिलट्री ट्रांसपोर्ट शिप था जो 30 जनवरी 1945 को समुंद्री हादसे का ग्रास बन गया। और यह हादसा वर्ल्ड वॉर II के बाद हुआ जब जर्मन और सोवियत की सेनाओं में आमना सामना हो चुका था। 30 जनवरी की सुबह 9 बजे एडॉल्फ हिटलर जर्मन लोगों को रेडियो पर भाषण दे रहा था, लेकिन ‘पोमेरैनिया’ और ‘प्रुशिया’ के निवासी इसको न सुनकर किसी भी तरह अपनी जान बचाना चाहते थे।
आप पढ़ रहे है “समुंद्री इतिहास का सबसे बड़ा हादसा

Must Read: क्यों चांद पर जाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को था मौत का डर इसलिए करके गए ये काम, आज बन गया इतिहास

जिसके चलते लगभग 10,000 लोग जबरजस्ती इस शिप में सवार हो गए जिसमें सैनिक, बच्चे, महिलायें और बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे ही शिप पोर्ट से रवाना हुआ ‘बाल्टिक’ समुन्द्र के बीच में सोवियत की 3 खुफिया पनदुब्बीयों ने इसको हिट किया। और हज़ारों टन भारी और 700 फुट लंबा यह जहाज़ समुन्द्र में पल्टी खा गया।

READ :  22 Interesting Facts About Earth in Hindi - Part 1

MV Wilhelm Gustloff

समुन्द्र के पानी का टेम्परेचर -18  डिग्री सेल्शियस था। और यह शिप उस बर्फ के पानी में समाता चला गया और लगभग 45 मिनट में यह जहाज पूरा डूब गया। जिसमें सवार 9,343 लोग मारे गए। कुछ लोगों ने बचने का प्रयास किया तो बर्फ जैसे पानी में ही जम गए और विल्हेल्म गस्टलोफ शिप  देखते ही देखते हमेशा के लिए नष्ट हो गया। इस शिप के बचाने के लिए 1 दर्जन राहत कार्य बोट लगाई गयी।

Must Read: अंतरिक्ष (Space) की कुछ अजब-गजब लेकिन रोचक बातें

कुछ लोगों ने बचने का प्रयास किया तो बर्फ जैसे पानी में ही जम गए। एक्सपर्ट्स मुख्य रूप से 3 कारणों को इस हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हैं। एक तो कोई भी सेना का दल इसकी सुरक्षा के लिए साथ नहीं था। दूसरे जो जहाज़ पिछले 4 साल से यूज़ नहीं हुआ था उसमे इतने अधिक लोगों को क्यों सवार किया गया।

READ :  7 ऐसे बॉलीवुड सेलिब्रिटीज: जिन्होंने अपना धर्म छोड़ अपनाया दूसरा धर्म

Must Read: क्या सच में कभी मंगल ग्रह पर जीवन था जो एक एलियन युद्ध में खत्म हो गया ??

तीसरा ख़ुफ़िया पनडुब्बियों को खोजने वाला कोई यन्त्र शिप में क्यों नहीं लगाया गया। न ही कोई सुरक्षा बोट का इंतज़ाम किया गया। अगर सुरक्षा के पहलुओं को ध्यान में रखा गया होता तो शायद इतने निर्दोष लोगों को जान ना गँवानी पड़ती।

समुंद्री इतिहास का सबसे बड़ा हादसा

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Name and email are required