क्या सच में कभी मंगल ग्रह पर जीवन था जो एक एलियन युद्ध में खत्म हो गया ??

मंगल ग्रह

24 Sep, 2014 को भारत ने इतिहास रच दिया था जब भारत का मंगल यान मंगल ग्रह की कक्षा में स्थापित हो गया था। इस दिन भारत विश्व का पहला ऐसा देश बन गया जो अपनी पहली ही कोशिश में मंगल तक पहुँचने में कामयाब हो गया। मंगल ग्रह तक पहुँचने के लिए कई देशों ने कई सफल और असफल प्रयास किए। ये सभी कोशिशें मंगल ग्रह का वैज्ञानिक अध्ययन और एक सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश में की जा रही है।

India Mars Orbiter Mission
India Mars Orbiter Mission

और वो सवाल है की क्या मंगल पर भी पृथ्वी की तरह जीवन है। और शायद आप लोगों को पता न हो की इस सवाल का जवाब ढूंढने में भारत ने पहले ही बहुत बड़ा योगदान दिया है। 24 Sep, 2009 को इसरो (ISRO) के चंद्रयान की मदद से चाँद पर पानी ढूंढ लिया था, और हम सब ये तो जानते ही है की पानी जीवन का आधार है। इसका मतलब है की जहाँ पानी है, वहां पर जीवन भी किसी न किसी रूप में मौजूद है।

Mras
2011 में वैज्ञानिक पहली बार माने थे की मंगल ग्रह का लाल रंग उसमे हुए थर्मोन्यूक्लियर विस्फोट की वजह से हो सकता है लेकिन अब वह सोचते है कि यह एक intelligent alien race का नतीजा है

मंगल पर जीवन है के नहीं ये जानने की कोशिश बहुत से देश कर रहे है। लेकिन शायद इस बार फिर से भारत ने इस जगह पर बाज़ी मार ली है। 05 Nov 2014 को इसरो के मंगल यान ने एक जगह की फोटो ली है। जो की कई मायनों में रहस्यमय है इस तस्वीर में एक बदल जैसा कुछ दिख रहा है, और उस बदल के निचे एक बहुत बड़ा गड्ढा है।

Nuclear Explosion on Mars
Nuclear Explosion on Mars

और ये परिस्थिति ठीक वैसी ही है जैसा की एक परमाणु विस्फोट के समय होता है। इस तस्वीर ने कई सवाल खड़े किए है और इस सवाल के जवाब में बहुत से वैज्ञानिकों और दूसरे लोगों का अपना-अपना मत है।

Cydonia Mersia & Galaxias Chaos
Cydonia Mersia & Galaxias Chaos

इन सभी थ्योरी में एक प्रसिद्ध थ्योरी Dr. John Brandenburg ने दी है। (Dr. John Brandenburg के बारे में ज्यादा जानने के लिए दिए लिंक पर Click करें) Dr. John Brandenburg के अनुसार मंगल ग्रह पर दो तरह की एलियन सभ्यताऐ रहा करती थी “Cydonians and Utopians”।

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उनका मानना था की इन दोनों सभ्यताओं को एक तीसरी उन्नत सभ्यता ने परमाणु हमले से खत्म कर दिया था। उनका मानना था की मंगल ग्रह पर दो बड़े परमाणु धमाके हुए थे जिसने पूरे मंगल ग्रह पर जीवन को खत्म कर दिया था।

Nuclear Explosion
Nuclear Explosion

उन्होंने अपने सिद्धांत के समर्थन के रूप में लिखा है की मंगल ग्रह पर भारी मात्र में “यूरेनियम और थोरियम” पाया जाना और ख़ास तौर पर ज़ेनान-129 का पाया जाना इस बात की और इशारा करता है की मंगल पर परमाणु धमाका हुआ था। क्यूँकि धरती पर भी जहां परमाणु धमाके हुए है जैसा की रूस में “Chernobyl disaster”, वहाँ पर भी ज़ेनान-129 भारी मात्रा में मिला है लेकिन अन्य वैज्ञानिक Dr. John Brandenburg के इस सिद्धांत से पूरी तरह से सहमत नहीं है। कुछ लोग उनके इस सिद्धांत से सहमत है। लेकिन उनका मानना है की ये परमाणु धमाका मंगल ग्रह पर प्रकृति रूप से हुआ होगा इसमें किसी एलियन सभ्यता का हाथ नहीं है। और ज़ेनान-129 प्रकृति रूप से भी मिलता है।

वही दूसरी तरफ एलियन सिद्धांत के समर्थक हाल ही में मंगल ग्रह की ली गयी तस्वीरों को परमाणु धमाके का प्रमाण मानते है। और उनका मानना है की मंगल पर हुए हमले में कुछ बम नहीं फूटे होंगे और किसी वजह से उनमें से एक में धमाका हुआ है। जिसे की मंगल मिशन के यान ने अपने कैमरे से फ़िलमाया है। लेकिन नासा (NASA) का इसके बारे में कुछ और ही कहना है।

उनका कहना है की 19 Oct 2014 को एक धूमकेतु मंगल ग्रह के बहुत नजदीक से गुजर रहा था। और ये धमाका उसके किसी उल्का की वजह से हो सकता है।

अब Dr. John Brandenburg का मत कितना सही है और इस तस्वीर का सच क्या है। ये तो समय ही बताएगा लेकिन फ़िलहाल हम तो सिर्फ कल्पना ही कर सकते है। की इस पूरे ब्रह्माण्ड में कही तो जीवन मिले ताकि जब हमारी इस सुन्दर-प्यारी पृथ्वी का अंत करीब आये तो कही दूसरे ग्रह पर हमें जीने की राह मिले, क्यूँकि हम इंसानों की वजह से ये पृथ्वी जल्द ही हमारे रहने लायक नहीं रहेगी।

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